हौज़ा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार , मौलाना आरिफ़ हुसैन आज़मी ने कहा कि मासूम और बेगुनाह नागरिकों को निशाना बनाने वाला यह निर्दयी कृत्य पूरी इंसानियत की ज़मीर पर गहरी चोट है। ऐसे वहशी और दरिंदा-सिफ़त लोग न तो दीन के प्रतिनिधि हैं और न ही इंसानियत के, बल्कि वे अमन, मोहब्बत, सहनशीलता और भाईचारे के खुले दुश्मन हैं।
उन्होंने कहा कि इस दुखद हादसे में शहीद होने वाले तमाम लोगों के लिए वह अल्लाह की बारगाह में दर्जों की बुलंदी और मग़फ़िरत की दुआ करते हैं, और ज़ख़्मियों के जल्द और पूरी तरह ठीक होने की कामना करते हैं। साथ ही ग़मज़दा परिवारों के लिए सब्र, हौसले और स्थिरता की दुआ भी करते हैं।
मौलाना आरिफ़ हुसैन आज़मी ने सरकार और संबंधित संस्थाओं से ज़ोरदार मांग की कि इस कायराना हमले में शामिल लोगों को तुरंत गिरफ़्तार किया जाए, उन्हें क़ानून के कटघरे में लाया जाए, घटना की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, और भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों को रोकने के लिए ठोस, प्रभावी और स्थायी क़दम उठाए जाएं, ताकि मासूम नागरिकों की जान-माल की हिफ़ाज़त सुनिश्चित हो सके और क़ौम का भरोसा बहाल हो।
अंत में दुआ करते हुए उन्होंने कहा कि अल्लाह तआला इस मुश्किल घड़ी में पूरी क़ौम को सब्र और सहनशीलता अता फ़रमाए, और आलमे इस्लाम को हर तरह की दहशतगर्दी, बदअमनी और फ़ितना-फ़साद से महफ़ूज़ रखे।
आमीन या रब्बुल आलमीन।
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